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भुलाया निज स्वरूप कील हिंदी कविता परिश्रम अटूट भक्ति इंसान अपमान का एक क्षण सम्मान अपमान ज्ञान इंसानियत सहा सपनों असह्य दीजै यह ज्ञान संभल तिरस्कार दर्द कपड़ा असह्य दर्द

Hindi सहा असह्य अपमान Poems